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धान की उपज बढ़ेगी इस तरह




 धान की उपज बढ़ेगी इस तरह 


आज हम हम इस ब्लॉग में बात करेंगे कि धान की उपज हम कैसे बढ़ा सकते हैं क्योंकि बहुत से ऐसे कारण होते हैं जिनको यदि आप नहीं करते हैं तो धान की पैदावार आपको कब मिलती है बहुत से किसान भाई क्या करते हैं कि सही समय पर या सही तरीके से उर्वरकों का यूज नहीं करते हैं जिसके कारण भी धान की उपज काफी कम होती है इसलिए आपको कुछ ऐसे उपाय करने चाहिए जिससे आप खान की अच्छी उपज ले पाए दोस्तों होता क्या है कि धान की रोपाई से लेकर के और कटाई तक हमें सभी चरणों में मुख्य बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है यदि हम कहीं पर भी लापरवाही कर देते हैं तो हमें ध्यान से अच्छी पैदावार नहीं मिल सकती है तो आज हम इस ब्लॉग में आपको पूरी डिटेल बताएंगे आपको रोपाई से लगा कर के और अंतिम यानी कटाई तक क्या-क्या करना है कैसे करना है कौन से उर्वरक देना है ग्रोथ प्रमोटर देना है कौन सा सही समय रहेगा और मात्रा आदि की पूरी जानकारी हम शामिल कर रहे हैं।
आप अपने धान की उपज बढ़ाने के लिए कई तरह के काम कर सकते हैं।
धान की उपज बढ़ाने के तरीके
1. उर्वरक 
2. ग्रोथ प्रमोटर 
3. जैविक उपाय 
4. अन्य 
1. उर्वरक 
   किसी भी फसल की अधिक पैदावार लेनी है तो आप को उर्वरक की सही मात्रा,समय, तरीका सभी निर्भर करता है। इस लिए सही तरीके सही समय पर धान में भी उर्वरक देनी चाहिए। 
मात्रा:- 
   धान में उर्वरक रोपाई से लेकर 60-70 दिन तक की जाती है, 
रोपाई के समय धान में  उर्वरक की मात्रा 
नाइट्रोजन, फास्फेट,और पोटाश की पूर्ति कर देनी चाहिए.  इससे पौधे का विकास अच्छे से होता है। 

 धान में उर्वरक  कब और कितनी मात्रा मे दें?

धान में उर्वरक धान रोपाई के पहले खेत की तैयारी करते समय देने से धान के पौधे का समुचित विकास के लिए जरूरी है। धान रोपाई के पहले उर्वरक की मात्रा:- 
N.P.K. 12:32:16 -75KG,30KG 
D.A.P.18:46:0   - 50KG साथ में 20KG पोटाश (M.O.P 30KG) 
या  S.S.P. 100-150KG साथ में यूरिया 35KG मात्रा साथ में पोटाश 20KG M.O.P 30KG) देनी चाहिए।
इसके बाद रोपाई कर देनी चाहिए।
 

रोपाई के 7-10 दिन बाद 25kg यूरिया के साथ 5kg मोनो जिंक 33% इसमे 15% सल्फर भी होता है जो सल्फर की भी पूर्ति कर देता है। 
रोपाई के  20-35 दिन पर यूरिया 35KG मात्रा और दूसरी बार  40-60 दिन पर  50KG  यूरिया देनी चाहिए। 
धान में ग्रोथ बढ़ाने के तरीके :- 
धान की ग्रोथ धान की अधिक पैदावार निर्भर करती है जितनी अच्छी धान में ग्रोथ और कल्ले की संख्या होगी पैदावार भी आपको अधिक मिलेगी।
इसलिए धान में ग्रोथ बढ़ाने के उपाय भी जरूरी है  इसके लिए धान में इसमे से किसी एक ग्रोथ बढ़ाने के उपाय किए जा सकते हैं। ध्यान रहे कि किसी भी ग्रोथ प्रमोटर को देने से  धान में फफूंद रोग  लगाने का खतरा बढ़ जाता है इसलिए ग्रोथ प्रमोटर के साथ फफूंद जनित रोग से बचाव का उपाय भी अवश्य करें। 
1.Growth Promoter - धान में ग्रोथ बढ़ाने के लिए किसी ऐसे Growth Promoter का प्रयोग करें इसके लिए,  इफको सागरिका, biovita या समुद्री शैवाल से बने Growth Promoter देने से कम खर्च में अच्छा परिणाम मिलता है। 
सागरिका या biovita ,दानेदार 10kg मात्रा रोपाई के 10 दिन बाद, फिर  40 दिन पर करने से ग्रोथ बढ़ती है, इसके जगह  घुलनशील ग्रोथ प्रमोटर की 250ml मात्रा का स्प्रे किया जाता है  इसको रोपाई के 10 दिन बाद और 40 दिन पर कर सकते हैं। 
इसके अतिरिक्त  कुछ रासायनिक Growth Promoter भी आते हैं  जिनको भी  दिया जाता सकता है।


2. खली:- खली भी ग्रोथ बढ़ाने का अच्छा उपाय है। खली को धान में  दो तरीके से देकर धान की ग्रोथ बढ़ाई जा सकती है, धान में खली का स्प्रे या टुकड़े प्रयोग किए जा सकते हैं, 
1. 25-30kg खली के छोटे छोटे टुकड़े करके या महीन पीस करके धान रोपाई के 10 दिन बाद से 40 दिन तक दिया जा सकता है।  खली देने से धान में अवश्यक सूक्ष्म तत्व की पूर्ति होती है..

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